जोड़ों का दर्द6 मिनट पढ़ें•22 जनवरी 2026
जोड़ों और घुटनों के दर्द से कैसे पाएं स्थाई राहत: जानिए हकीम जी के परखे हुए नुस्खे
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हकीम आफ़ताब आलम
फेमस दवाखाना, कस्बा जोया
सर्दियों में वात और यूरिक एसिड बढ़ने से घुटनों का ग्रीस कम होने लगता है। यूनानी तेलों की मालिश और गर्म तासीर वाली जड़ी-बूटियों से जोड़ों को दोबारा लचीला बनाएं।
जोड़ों के दर्द (वजउल मफासिल) का मुख्य कारण शरीर में बलगमी और वात दोष की अधिकता तथा रक्त संचार की कमी है। उम्र बढ़ने के साथ जब हड्डियों के बीच का स्निग्ध द्रव्य (Synovial Fluid) घटने लगता है, तो उठने-बैठने में कट-कट की आवाज और तेज दर्द होता है।
यूनानी मालिश का महत्व: रोगन सुर्ख जैसे औषधीय तेल से हल्के हाथों से घुटनों और रीढ़ की हड्डी पर मालिश करने से नसों का खिंचाव कम होता है और सूजन घटती है। मालिश के बाद गर्म कपड़े से सिकाई करने से अद्भुत लाभ होता है।
आहार सलाह: लहसुन, मेथी दाना और सोंठ का सेवन बढ़ाएं। उड़द की दाल, अरबी, चावल और ठंडी खट्टी चीजों से परहेज करें।
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